Android Technology Awareness Blog # 41 : Why Did Nokia Fail? A Real Story

Nokia. एक समय का दुनिया का सबसे बड़ा, popular और विश्वसनीय mobile brand.

हममेसे कई लोगों का पहला mobile phone शायद Nokia ही रहा होगा.

एक ज़माने का सबसे बड़ा mobile brand अचानक से बर्बाद कैसे हो गया?

इतना बड़ा नाम करने के बावजूद भी उन्होंने ऐसी क्या गलती की, जिसके चलते Nokia company के दीवाले निकल गए?

और कैसे आज Nokia ने फिरसे smartphone industry में वापसी की?

जानेंगे पूरी कहानी, इस article में.

तो चलिए, Get Started.

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Nokia…

Multinational Corporation Nokia की स्थापना सन १८६५ में Finland में हुई थी.

उस समय Nokia कई प्रकार के business में मशहूर थी.

Communication, Information Technology और Consumers Electronics की ये company देखते ही देखते दुनिया की सबसे बड़ी company बन गयी थी.

उस वक़्त उन्होंने Mobira नाम की telephonic company को ख़रीदा, जिसने Nokia के लिए telecom handset बनाने शुरू किये थे.

Nokia ने १९८२ में सबसे पहले car phone introduce किया, जिसका नाम था Nokia Mobira Senetor. ये phone तक़रीबन १० किलो का बना था.

 उसके बाद १९८४ में Mobira talkman का अविष्कार हुआ, जिसका वजन था ५ किलो.

ये एक ऐसा device बना जिसको पहला transportable phone घोषित किया गया था.

ये phone car और car के बाहर भी इस्तेमाल किया जा सकता था.

सबसे बड़ा अविष्कार तब हुआ १९८७ में, जब Nokia ने Mobira CityMan नाम का ऐसा phone बनाया, जिसका वजन था ८०० ग्राम.

ये phone हल्का होने के वजह से पूरी शहर में कहीभी ले जा सकता था.

Mobira CityMan इतना मशहूर हो गया की इसकी sale देखते ही देखते बढ़ती चली गयी, जिसके चलते Nokia का बहोत ही बड़ा नाम हुआ.

उसके बाद सन १९९१ में Finland के Prime Minister Mr. Harri Holkeri दुनिया के सबसे पहले व्यक्ति बने जिन्होंने सबसे पहला GSM call किया… Nokia के phone से.

उसके बाद सन १९९२ में Nokia 1011 mobile launch किया, फिर यूरोप और अमेरिका में Nokia बहोत ही तेज़ीसे फैलने लगे.

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The Real Success

फिर आगे चलते Nokia 2100 series के mobile phones ने तो पूरी दुनिया पर राज किया और Nokia 2100 ये एक iconic phone बना.

उन्होंने तय किया था की हम Nokia 2100 के ४ लाख phones बेच देंगे, पर उन्होंने आगे चलते तक़रीबन २ करोड़ phones बेच दिए.

उस समय Nokia ने market value और market need को मद्दे नजर रखते हुए बहोत ही smart business किया था.

इस कामयाबी के बाद १९९२ में Nokia ने predict किया था की, सन १९९९ तक पूरी दुनिया भर में 40 million mobile handsets का industry होगा.

पर जब १९९९ आया तब वो market size देखते ही देखते 250 milllions तक पहोच चूका था.

Nokia ने जितना सोचा था, market size उससे भी बड़ा होता जा रहा था.

यहां Nokia ने बहोत ही चतुराई से Motorola को पीछे ढकेलते हुए दुनिया का सबसे ज्यादा market share हासिल कर लिया.

उस समय दुनिया के market shares में से 25% shares सिर्फ Nokia के थे.

सन 2000 तक अमेरिका और यूरोप के साथ Russia, India और China को capture करते करते Nokia पुरे दुनिया पर छा गयी.

उसके बाद Nokia ने N90, N91, N95 जैसे कई सारे phones “N Series” के नाम से lauch किये.

उस वक़्त दुनिया के Top 50 mobiles phones में पहले Top 20 Mobile phones Nokia के ही होते थे.

फिर उसके बाद सन २००३ से लेकर २००५ तर Nokia 1100 और Nokia 1110 ने India के अंदर ७०% market shares पर कब्ज़ा कर लिया था.

ये 2 Mobile phone इतने popular हुवे थे की, retailers को इसे बेचने में कोई तकलीफ होती ही नहीं थी. जो कोई customer आता था, इन्ही phones की मांग करता था.

फिर Nokia को अपने आप पर इतना गुरुर होने लगा, की retailers को बहोत ही कम margin देने लगा.

उनको लग रहा था की Nokia के phones तो भाई सिर्फ नाम से ही बिकते है.

पूरी दुनिया में Mobile मतलब Nokia ये एक समीकरण बन चूका था.

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Villain ki Entry”

Nokia जैसे जैसे grow करने लगा, इसकी Manpower बढ़ने लगी, Manufacturing set-ups बढ़ने लगे, Plant Global Presence बढ़ते चले गए.

एक वक़्त ऐसा आया की घोड़े के रफ़्तार से दौड़ने वाला Nokia, एक बड़ासा हाथी कब बन गया पता ही नहीं चला.

और जैसे जैसे बड़ा हाथी बनने लगा, उसकी रफ़्तार धीरे धीरे कम होती चली गयी.

और उसी वक़्त जिस रास्ते पर Nokia चल रहा था, उस रस्ते में और competitors add होते चले गए.

Nokia को टक्कर देने के लिए Samsung, Sony, Gionee, Oppo, Vivo, Lava, Karbonn, iBall, Zen, HTC, Xiaomi, Micromax, LG के साथ साथ Motorola भी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गया.

जब एक तरफ २००८ में पूरी दुनिया में 468.4 million Mobile handset बिकने के बाद Nokia दुनिआ पर छा चूका था, तभी…

America और European countries में Google और Android की entry हो गयी.

जैसेही Android की entry हुई, America और Europe में Nokia का market कम होने लगा.

America और Europe में एकदम से Nokia का market ३०% कम हो गया.

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Impact of Android

एक तरफ America और Europe में Google का Android और Apple का iPhone market पर कब्ज़ा कर रहे थे तो दूसरी तरफ Asian market में samsung ने 20 और motorola ने 25 flip phones के नए models market में ले आये.

और तो और Sony ने भी अपनी Sony Ericson की Series launch की.

ये flip phones और ericson series लोगों को लुभाने लगे, उनको अच्छे लगने लगे.

जिससे बहोत सारे customers samsung, motorola और sony के तरफ मुड़ गए.

Nokia बाहर Google और Apple से पिट रहा था और यहाँ samsung, motorola और sony से पीटने लगा.

तभी china में बहोत सारे छोटे छोटे Mobile manufacturing plants बनने लगे.

जिससे asian market में बड़े screen वाले और बड़े आवाज वाले chinese Mobile बड़े सस्ते दाम में बिकने लगे.

Chinese लोग execution में बहोत ही तेज़ थे, जिससे उनका production value आसमान चुने लगा.

इस वजह से दुनिया के सारे Mobile manufacturing plants और set-ups धीरे धीरे china में बसने शुरू हुवे, जिसके चलते china ये एक Mobile का hub बन गया.

2007-08 तक जो Google और Apple, Nokia के लिए कांटे बनकर चुभ रहे थे, 2010 तक उन्होंने Nokia के लिए एक तगड़ा competition स्थापित किया.

Nokia company ने भी बाकी companies की तरह खुदको बदलना चाहा तो था, पर Nokia नाम का हाथी इतना बड़ा हो चूका था, के बाकी सारी छोटी छोटी Mobile companies रेस के घोड़े बनकर Nokia के कई आगे निकल चुके थी.

Disappointment to Nokia

Nokia के पास काफी talented लोग थे. flagship phones पर वो दिन-रात काम करने लगे.

पर competition इतका तगड़ा बन चूका था के जब तक Nokia कोई innovative mobile phone market में लाता, तब तक market और आगे निकल चूका होता था.

दूसरी तरफ Mid-range price में Android बहोत ही तेज़ीसे फैलने लगा और 2010 तक लगभग ७०% Market पर Android ने कब्ज़ा कर लिया था.

Google और Apple आने के बाद Nokia को एक बात समझ में नहीं आ रही थी, के अब industry Hardware की नहीं रही, अब industry Software की बन चुकी है.

Nokia के पास Hardware तो था, उसके phone काफी rough & tough होते थे, पर उसके पास Software नहीं था. वो Softwares था Google और Apple के पास.

दुनिया Hardware से Software की तरफ shift हो रही थी, पर Nokia अपने Hardware के strength पर ही लड़ना पसंद किया.

2010 तक Apple के पास लगभग ३ लाख तो Google के Android के पास १.२५ लाख से भी ज्यादा applications आ चुकी थी.

लेकिन Nokia अपने Symbian Operating System पर ही चिपका हुआ था और उसके पास १५ हजार applications भी नहीं थी.

‘यही सबसे बड़ी गड़बड़ी हुई.’

सारी दुनिया applications के पीछे दिवानी बन रही थी और Nokia ने Market need को ना जानकार सबसे बड़ी गलती कर दी.

Nokia को ये समझ में नहीं आया, के अगर आप वक़्त के साथ आगे नहीं बढे तो आपको Outdated करार दिया जाता है और Nokia के साथ वही हुआ.

२०११ में Nokia के phone Outdated technology में गिने जा रहे थे.

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Nokia’s Biggest Mistake

दुनिया में Apple और Google की community बन गयी थी.

Google के Android में ऐसा platform build हुआ के कोई भी developer आके Android पर अपना app बना सकता था.

जिसके चलते Samsung, Motorola, LG, HTC, Sony जैसी कई सारी Mobile companies Android पे shift हो गयी.

इस Interdependent Community की एक Ecosystem बन गयी थी.

Android के साथ साथ बाकी सारी Mobile companies बहोत ही तेज़ीसे आगे बढ़ने लगी, पर Nokia ने अपने Symbian OS को नहीं छोड़ा.

Market down होने के कारण Nokia बहोत बड़े loss में चली गयी, जिसके चलते Nokia को कई हजार employees को नौकरी से निकालना पड़ा.

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Nokia अपने employees को निकालते गया, जिससे production कम होने लगा, profit कम होने लगा, Nokia के phone बिकने कम हुवे थे, पर नोकिआ ने तभीभी symbian को नहीं छोड़ा.

दुसरी तरफ Android Mobiles का Market काफी आगे निकल चूका था.

जब सारी दुनिया Android पर shift हो रही थी, तब Market need को ना जानकार Android को ना अपनाना, यही Nokia की सबसे बड़ी गलती थी.

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Microsoft Deal

जब Nokia के CEO बदले गए, तब उन्होंने तय किया के उन्हें भी Android के platform पर जाना चाहिए.

उसके लिए उन्होंने अपने कदम भी आगे बढ़ाये पर Nokia के नए CEO, Google के पास जाते जाते Microsoft के पास चले गए, ये रही Nokia की दूसरी गलती.

Nokia ने सोचा Microsoft के पास Windows का Software है, हमारे पास Nokia का phone है, दोनों मिल गए तो दुनिया पे राज करेंगे.

पर उन्होंने उस वक़्त एक जरुरी बात को नजर अंदाज़ कर दिया के भाई, Windows के platform पर कोई भी developer mobile app नहीं बना रहा.

Nokia ने Microsoft के साथ मिलकर Nokia Lumia की series launch तो की, पर ये mobile phones market में अपना वजूद बनाने में नाकामयाब रहे.

windows पर apps नहीं बन पाए और दूसरी तरफ Google और बड़ा होते गया और बढ़ता ही रहा.

Android और Apple इतने बड़े हो गये, एक साधारण सा Mobile phone अब technology के वजह से smartphone बन चूका था.

जिस वजह से Mobile App Owners, App Developers और Mobile Handset Manufactures सभी Android Platform पर आ चुके थे.

एक तरफ Nokia outdated Hardware पर लड़ता रहा, तो दूसरी तरफ…

  • Hardware
  • Software
  • Developer
  • Application
  • E-Commerce
  • Advertisement
  • Search
  • Social Applications
  • Location based services
  • Unified communications

ये सब कुछ Android के ecosystem में बढ़ता चला गया.

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Power of Apple

Apple की बात करें तो Apple ने भी अपनी services evolved की थी.

  • iCloud
  • Apple Music
  • Airdrop
  • Handoff
  • Find Friends
  • Universal clipboard
  • Auto unlock

जैसे कई सारे features evolved हो चुके थे, जिनकी Apple ने अपने Crossed Platform पर marketing की.

  • iPhone
  • iPad
  • iPod
  • Macbook
  • AppleTV
  • Safari
  • Mac PC
  • iWear
  • iPlay
  • Apple watch

से वजह से Apple एक दूसरे से जुड़ता चला जा रह था और उसने अपना Internal Ecosystem develop कर दिया था. 

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Nokia – Disconnecting People

America और Europe में Apple ने अपने iphone को छोटे से छोटे retailer तक पहुचाके अपना network बहोत ही strong बना दिया था.

दूसरी तरफ Asian Market में Android तबाही मचा चूका था.

App owners, App developers, Retailers यहां तक customers भी Android को अपना चुके थे.

तभी Microsoft company के नए CEO Mr. Satya Nadella ने अपना statement दिया के वह Microsoft के Nokia deal से सहमत नहीं थे.

उन्होंने कहाँ के, “अगर Android और Apple की ecosystem पूरी दुनिया पर छा चुकी है तो Microsoft जैसे तीसरी ecosystem की जरुरत ही क्या है, बशर्ते आप पूरी की पूरी game change न कर दे.

पर अब बहोत ही देर हो चुकी है. हम अपने competitors के tail lights याने उनकी पूँछ को chase करते रहे और उधर ही हम हार गए.”

देखते ही देखते एक दिन ऐसा आया के Apple और Google के सामने Nokia हार गया और दुनिया Nokia को भूल गयी.

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What a Come back!!!

२०१६ ने Nokia के कुछ Ex-employees ने मिलकर एक company बनाई, जिसका नाम था HMD Global.

HMD Global ने Foxconn के साथ मिलकर Nokia company के सारे rights १० साल के लिए Microsoft से ले लिए.

Nokia ने पहले जो जो गलतियां की थी उन्हें ना दोहराते हुए HMD ने आखिरकार Google से deal की और Android के platform पर जाने का फैसला किया.

 

 

उसके बाद Distributors और Retailers को फिरसे भरोसा दिया और उनसे connection बढ़ाना शुरू किया.

पहले distributors और retailers को कभीभी support ना करने वाली Nokia अब उनसे भरोसेमंद रिश्ता बनाने में कामयाब हुई.

HMD Global ने Nokia की sales, Marketing और Branding करना शुरू किया और Foxconn ने Nokia के model बनाना शुरू किये.

इस बार Nokia ने अपना Nokia 3315 नाम का flagship phone भी वापस ले आये और साथ ही साथ Android OS के smartphone भी Market में launch किये.

२०१७ में Nokia ने अच्छी वापसी करते हुए 21 millions (2 Crores 10 lacs) mobile hanset बेचने में कामयाब हुई.

पिछले १ साल में Nokia ने 9 Smartphones और 7 features phones launch किये है.

 

 

इस दौरान Nokia ने लगभग 500 distributors और 85,000 से भी ज्यादा retailers build किये.

इतना बड़ा network बनाने में किसी आम smartphone company को ३-४ साल लग जाते पर Nokia ने ये काम चंद महीनों में पूरा किया है.

After sales service भी 300 से भी ज्यादा cities में build की.

इस तरह से Nokia ने एक बड़ा ही Powerful Come Back किया.

Nokia आज भी struggle कर रहा है.

पर अगर Nokia ने सही समय पर Android को अपनाया होता, तो आज के तारीख में Nokia तो टक्कर देनेवाली एक भी company नहीं होती.

खैर!!!

लोग आज उसी विश्वास के साथ Nokia के phones खरीदते है और कहते है, ” कुछ भी हो, पर मेरे ज़िन्दगी का सबसे पहला phone तो Nokia ही था ना !!! “

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