Smartphone Technology Awareness Blog # 54 : eSIM Technology Explained | Pros & Cons of eSIM

दोस्तों, जैसे जैसे हमारी Smartphone Technology विकसित होते जा रही है, वैसे वैसे हमारे Smartphones भी बेहतर बनाते जा रहे है.

फिर चाहे हम बात करें Super AMOLED Display की या फिर In-Screen Fingerprint Scanner की.

चाहे हम बात करें Triple Camera Setup की या फिर 3D Face Recognition की.

जैसे जैसे दिन बित रहे है, Smartphone Technology नए नए मुकाम हासिल करते जा रही है.

ऐसी ही एक नयी Technology का नाम अभी Trending पे चल रहा है, वो है eSIM Technology.

अब ये eSIM आखिर है क्या?

क्या आज के तारीख में हमें इस eSIM की जरुरत है?

eSIM को कैसे इस्तेमाल करना है?

उसके Pros और Cons क्या है?

और क्या आनेवाले कुछ दिनों में हम रोजमर्रा के ज़िन्दगी में इस Technology से रूबरू हो पाएंगे?

जानेंगे इस article में.

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eSIM Technology क्या है ?

कोई भी Smartphone, चाहे कितना भी powerful क्यों न हो, वो SIM Card के बिना अधूरा सा ही लगता है.

Mobile phone के अविष्कार के चलते ही हमने SIM cards का इस्तेमाल करना शुरू किया था.

सबसे पहले Mini SIM फिर Micro SIM और उसके बाद आज हम इस्तेमाल करते है Nano SIM.

वैसे देखा जाये तो SIM card ये basically एक chip है, जिसमे एक छोटासा storage है.

पहले हम सिम cards में हमारे contacts save करते थे, पर आज के तारीख में हम Cloud को contacts save करने के लिए इस्तेमाल करते है.

ऐसी हालात में बचती है एक छोटीसी chip जिसमे हमारा IMSI (International mobile Subscriber Identity) number information और कुछ Authentication keys होती है. बस्स !!!

जिसके लिए Smartphone Developers को device में एक अलग सी जगह देनी पड़ती है.

एक SIM tray के साथ साथ उस tray को eject करने के लिए Spring भी लगी होती है.

दूसरी तरफ Smartphone developers दिन-ब-दिन device के screen को बड़ी बनाते जा रहे.

और बाकि बचे components को slim और compact बनाते जा रहे है.

Smartphone developers की माने तो…

सिर्फ एक छोटेसे informative chip को Smartphone में अलग से insert करने की बजाय, अगर उसे अगर emebedded ही लगाए तो ये मुश्किल हल हो सकती है.

जिसके चलते इस eSIM (Embedded SIM) Technology का अविष्कार हुआ.

eSIM ये कोई Physical SIM नहीं होगी.

Basically ये वैसेही chip smartphone में पहलेसे install कर के दी जाएगी, जो हम आज Nano SIM में इस्तेमाल करते है.

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eSIM कैसे काम करता है?

जैसे की मैंने आपको बताया के eSIM ये एक Pre-installed chip है, जिसके बनते हमें किसी भी Physical SIM Card की जरुरत नहीं है.

पर फिर भी ये eSIM ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे की normal SIM card करता है.

पर देखा जाये तो Embedded SIM होने कारण Call Drop के chances ना के बराबर हो सकते है.

जिसके बदौलत eSIM Technology और भी बेहतर perform कर सकती है.

दोस्तों, अगर हमें कोई नया SIM Card लेना है तो उसके लिए हम क्या करते है.

हम Network Gallery या फिर उसके Service Provider Shop में जाते है, एक SIM Card खरीदते है.

उसके बाद Service Provider हमें कहते है की कुछ वक़्त में ये SIM activate हो जायेगा.

फिर वो 2 घंटे में भी activate हो सकता है या फिर उसके लिए 24 घंटे भी लग सकते है.

पर जब बात आती है eSIM की तो यहां आपको उस Service Provider से एक eSIM QR Code मिलेगा.

हमें अपने Smartphone के Setting में जाना है, फिर उसके बाद Cellular Setting और Add Cellular Plan को select करना है.

           Setting  >  Cellular  >  Add Cellular Plan

जैसेही QR Code Scanner activate होगा, आपको उससे eSIM QR Code scan करना है.

अगर आपको confirmation के लिए पूछा जाये तो वहाँ आपका contact number type करना है, जो की उस eSIM packet पर लिखा होगा.

इसके बाद आपको Service Provider App install करना है और अपना Cellular Plan activate करना है.

बस्स हो गया !!!

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eSIM के फायदे

आज लगभग सभी स्मार्टफोन उसेर्स Hybrid SIM slot को इस्तेमाल करते है.

जिसके चलते हमें अगर Memory Card इस्तेमाल करना है तो हम सिर्फ एक ही SIM इस्तेमाल कर सकते है.

पर अगर हम eSIM Technology को अपनाले, तो हमारी ये Problem solve हो सकती है.

वैसे देखा जाये तो ये एक Dual SIM Dual Standby Technology है.

जिसके चलते एक साथ दोनों SIM इस्तेमाल कर सकते है.

तो आप एक तरफ call पर बात कर सकते है और दूसरी तरफ Voicemail भी send कर सकते है.

आप अपने Smartphone में एक से ज्यादा eSIM Store कर सकते है, बशर्ते वहां एक वक़्त सिर्फ एक ही eSIM activate रहेगा.

अगर आपके पास काफी सारे eSIM मौजूद है तो आप अपने मर्जी के हिसाब से जब चाहे switch सकते है.

Security की बात करें तो eSIM काफी secure है.

आपका eSIM कभीभी खो नहीं सकता.

इस Technology के बदौलत आपका eSIM आपकी Unique Identification बन सकता है.

जिसके चलते कोई भी दूसरा आदमी आपके contact number का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता.

अगर आपका Smartphone खो जाता है तो उस इंसान को आज की तरह SIM निकल देना या उसे deactivate करना लगभग नामुमकिन हो जायेगा.

Thank GOD !!!

अगर आपको अपनी Network Service change करनी है तो इसका procedure बहोत ही आसान होगा.

आप अपने eSIM कर Code को Scan करने से अपना Service Provider बदल सकते है.

इसका मतलब अगर आप Idea की service इस्तेमाल कर रहे हो, और आपको Airtel में जाना है..

तो आपको सिर्फ Airtel के eSIM QR Code को Scan करना है और उस number का recharge करना है.

जैसे ही आप यहां Airtel के eSIM को activate करते है, Idea का eSIM deactivate हो जायेगा.

यहां आपको उस पुराने SIM के deactivate होने तक इंतजार करने की जरुरत नहीं है.

eSIM ये एक Re-writable chip है, जिससे हम जितनी मर्जी चाहे Re-write कर सकते है.

याने जितनी मर्जी चाहे हम अपना Network Carrier switch कर सकते है.

अगर आपका विदेश में काफी आना जाना रहता है तो आपके लिए eSIM Technology किसी तौफे से कम नहीं है.

आपको उस वक़्त भी local eSIM Provider के QR Code को Scan करने की देर है.

जिससे आपकी अलग अलग जगह के SIM card संभालने की मुश्किल हल हो जाएगी.

अगर आप Smartphone के साथ साथ Smartwatch भी इस्तेमाल करते है तो यहां आप दोनों Devices के लिए एक ही eSIM इस्तेमाल कर सकते है.

eSIM के बदौलत NFC Technology का इस्तेमाल करना और भी बेहतर बन जायेगा.

जिसके चलते आपको हर वक़्त अपने Credit या Debit card carry करने की जरुरत नहीं होगी.

साथ ही साथ आप eSIM Technology के मदद से आपके Laptop और Tablet के साथ भी बहोत ही आराम के connect कर पाओगे.

eSIM Technology के बदौलत हम Local Network की Service use कर सकते है, जिसके चलते Roaming का झंझट ही ख़तम हो सकता है.

आज के तारीख में Airtel और Jio ये 2 ही ऐसे service Provider है जिनके पास eSIM Technology मौजूद है.

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eSIM के नुकसान

वैसे देखा जाए तो eSIM का कोई नुकसान तो नहीं है, बस्स आपको एक छोटीसी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा.

eSIM technology में जहां Cellular Network Service Switch करना जितना आसान है, Smartphone Switch करना उतना ही पेचीदा बन जायेगा.

आज अगर हम पुराना Smartphone छोड़ कोई नया Smartphone खरीदते है, तो वहाँ SIM slot में अपने Nano SIM insert कर के काम बन जाता है.

पर यहां ये इतना आसान नहीं होगा. जब जब हम Smartphone को Switch करेंगे, हमें Service Provider को inform करना पड़ेगा.

आज के तारीख में हमारे लिए Smartphone Switch करना काफी आसान है पर अपना Service Provider Switch करना काफी पेचीदा बना हुआ है.

eSIM Technology से Service Provider Switch करना बहोत ही आसान बनाने वाला है पर यहां Smartphone Switch करना थोड़ा मुश्किल बनाने वाला है.

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Conclusion

दोस्तों, हमारी Smartphone Technology आज ऐसे ऐसे experiments कर रही है, जिसके बदौलत हमें काफी compact, Slim और Premium looking Smartphones इस्तेमाल करने का मौका मिल रहा है.

पहले Non-Removable बैटरी, Hybrid-SIM Slots, Finger Print Scanning, Bezel-less display, Dual Camera, Notch Design और अब नाम उभर के आया है इस eSIM Technology का.

पता नहीं आगे चलके हमें और कौन कौनसी बेहतरीन Technology आज़माने का मौका मिलेगा.

आपको eSIM Technology का ये आर्टिकल कैसा लगा ये निचे comment box में लिखना ना भूलियेगा.

अगर आपको कोई सवाल या सुझाव हो तो मुझे जरूर बताना.

तो चलिए चलता हूँ.

जल्द ही मिलूंगा कुछ नए interesting topic के साथ.

तब तक के लिए अलविदा.

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